
Karnataka कर्नाटक: बेलगाम ग्रामीण इलाके के कोंडासकोप्पा गांव में एक परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। इस मामले में हिरेबागेवाड़ी पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि गांव में एक परिवार को सामाजिक रूप से अलग-थलग करने के लिए दबाव बनाया गया, जिसके कारण उन्हें गांव छोड़ने तक की स्थिति का सामना करना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव के मुखिया द्वारा कथित उत्पीड़न और सामाजिक दबाव को सहन न कर पाने के बाद संबंधित परिवार को गांव से पलायन करना पड़ा। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
यह मामला स्थानीय बीरादेवरा मंदिर से जुड़े विवाद के बाद और अधिक बढ़ गया। आरोप है कि मंदिर के पुजारी नरसोबा साम्ब्रेकर ने मंदिर की परंपराओं से जुड़े एक विवाद और परिवार के एक सदस्य के दूसरे समुदाय में संबंध होने को लेकर गांव के कुछ लोगों को उस परिवार से सामाजिक दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया था।
इसके अलावा, यह भी आरोप है कि पुजारी द्वारा यह घोषणा की गई थी कि जो कोई भी उस परिवार से बातचीत करेगा, उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, इस मामले की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 1,000 रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की गई थी। इन कथित आदेशों के बाद गांव में सामाजिक बहिष्कार जैसी स्थिति बन गई।
इस पूरे मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद हिरेबागेवाड़ी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें मल्लप्पा साम्बारेकर, विट्ठल साम्बारेकर, बगन्ना साम्बारेकर, रमेश साम्बारेकर, मलिंगा साम्बारेकर, गंगप्पा साम्बारेकर, वैजू साम्बारेकर, पिराजी साम्बारेकर और यल्लप्पा साम्बारेकर शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या किसी सामाजिक या धार्मिक दबाव के तहत यह बहिष्कार किया गया था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
इस मामले ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सामाजिक बहिष्कार और परंपराओं के नाम पर होने वाले दबाव के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।





